
इबादत
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तुमसे इश्क़ करना इबादत है मेरी,
तू आदत नहीं, ज़रूरत है मेरी।
तेरे होने से ज़िंदा होने का एहसास है,
मेरा सुकून तेरे ही आस-पास है।
तेरी मुस्कान में मिलती है खुशी,
तेरे ग़म में नम हो जाती हैं आँखें मेरी।
तेरी बातें, तुझसे मुलाक़ातें,
जीने का सबसे ख़ूबसूरत सबब हैं।
तेरा ख़याल हर पल में मौजूद है,
तेरे इश्क़ में गुम मेरा वजूद है।
-Madhura Lathkar





















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